जीवट, सहनशीलता और पाण्डित्य का संगम किसी अन्य व्यक्ति या देवता मे नहीं; जो भगत मे दिखता है
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’- मेरा रँग दे बसन्ती चोला, मेरा रँग दे …मेरा रँग दे बसन्ती चोला। माय रँग दे बसन्ती चोला… आज भारत के अमर सपूत और हम युवाओं के साक्षात ईश्वर भगत सिंह […]