हिन्दीव्याकरण-भाषाविज्ञान के विरोधियों को ‘स्वघोषित’ भाषाविज्ञानी, आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की खुले रूप मे ललकार

October 19, 2022 0

हिन्दी-व्याकरण/शब्दानुशासन का विरोध करनेवालो-वालियो! कई दशक से तुम सभी की कलुषित-कुत्सित मानसिकता को पढ़ता आ रहा था; सोचता था, शायद सुधर जाओ; परन्तु वस्तुस्थिति ‘अन्यथा’ दिखती आ रही है। जब ‘एक व्यक्ति’ इस देश मे […]

एक ‘भाषाविज्ञानी’ का ‘देश के समस्त संस्कृत-हिन्दीभाषा के पण्डितों’ से भाषाविद् डॉ. पृथ्वीनाथ पाण्डेय का एक तार्किक प्रश्न :–

August 1, 2019 0

● एक ‘भाषाविज्ञानी’ का ‘देश के समस्त संस्कृत-हिन्दीभाषा के पण्डितों’ से एक तार्किक प्रश्न :– ‘अयोगवाह’ (ं और ः) को जब न ‘स्वरों’ ने स्वीकार किया है और न ही ‘व्यंजनों’ ने, अर्थात उन दोनों […]