रामराज्य की कल्पना

February 8, 2024 0

अभिजीत मिश्र, बालामऊ बालि द्वारा शासित किष्किंधा में राम चाहते तो अपना उपनिवेश स्थापित सकते थे और अपने मन का कोई व्यक्ति राजगद्दी पर बिठा सकते थे… पर इस क्षेत्र में डर से कौन प्राणी […]

सुन राम!

January 22, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••• राम!तू राम नहीं, ‘मरा’ है।भूल जा!‘मरा-मरा’ कहनेवालेकभी ‘राममय’ हो जाया करते थे,तब ‘सच्चरित्र’ होता था;होती थी, ‘सदाचरण’ की सभ्यताऔर होती थी, धर्म के मर्म की समझ।तेरा नायकत्व,प्रतिनायकत्व का रूप ले […]

“रामराज की स्थापना के लिए क्षुद्र स्वार्थ से ऊपर उठना होगा”– डॉ० प्रकाश चिकुर्डेकर

January 22, 2024 0

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद सम्पन्न ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से २१ जनवरी को ‘सारस्वत सदन’, अलोपीबाग़, प्रयागराज की ओर से ‘रामराज की प्रासंगिकता : वर्तमान संदर्भ मे’ विषय पर एक […]