“फ़ादर कामिल बुल्के ने ‘राम’ पर शोध करते समय रामायण के तीन सौ रूपोँ की खोज की थी”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

August 18, 2026 0

‘सर्जनपीठ’ का राष्ट्रीय आयोजन••••••••••••••••••••••••••••••••• प्रयागराज। ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे संस्कृत, हिन्दी एवं अँगरेज़ी-भाषा के विद्वान् फादर कामिल बुल्के के निधन-दिनांक की पूर्व-संध्या मे ‘फ़ादर कामिल बुल्के एवं उनका हिन्दी-अनुराग’ विषय पर १७ अगस्त को […]

जहाँ राम हैं, वहीं अयोध्या है

June 12, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वन की ओर बढ़ते रथ के पहिए केवल धूल नहीं उड़ा रहे थे, वे इतिहास की दिशा बदल रहे थे। अयोध्या पीछे छूट रही थी और सामने था अनिश्चितताओं से भरा […]