अपनी बेटियों को ‘श्रीमती’ नहीं, ‘शक्तिमती’ बनायें!
—आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ● नपुंसक और पुरुषार्थविहीन हैं वे, जो बेटी बचाने की बात तो करते हैं; परन्तु उन्हीं के लोग जब बेटियों का शीलहरण करते हैं तब वे ‘शीलहरणकर्त्ताओं’ के संग खड़े होते […]
—आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ● नपुंसक और पुरुषार्थविहीन हैं वे, जो बेटी बचाने की बात तो करते हैं; परन्तु उन्हीं के लोग जब बेटियों का शीलहरण करते हैं तब वे ‘शीलहरणकर्त्ताओं’ के संग खड़े होते […]