भोलेनाथ के भक्त, सनातन को करते सशक्त
हमारे क्षेत्र बैसवारा में कांवड़ यात्रा नहीं होती है। आज से कुछ वर्ष पूर्व तक मैं भी किसी वामपंथी की तरह यह सोचता था कि कावड़ यात्रा करने वाले बेरोजगार, समाज के निचले वर्ग के, […]
हमारे क्षेत्र बैसवारा में कांवड़ यात्रा नहीं होती है। आज से कुछ वर्ष पूर्व तक मैं भी किसी वामपंथी की तरह यह सोचता था कि कावड़ यात्रा करने वाले बेरोजगार, समाज के निचले वर्ग के, […]
भारतीय परम्परा के आधुनिक नैतिकता से अधिक वैज्ञानिक होने का प्रमाण : नियोग भारतीय वैदिक परंपरा को लेकर आज एक सामान्य प्रवृत्ति दिखाई देती है कि हम उसे या तो आँख मूँदकर पूजते हैं या […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक बार अधर्म ने धर्म से कहा, “धर्म भाई! मृत्युलोक मे ऐसा एक भी व्यक्ति नहीँ दिखता, जो तुम्हारे तात्त्विक रहस्य को जान सके; इसका कारण क्या है?” धर्म ने […]