रामायण : सीता-हरण के पश्चात की कहानी

January 31, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– वह वन निःशब्द था। पत्तों पर गिरती धूप तक जैसे ठिठक गई हो।धरती पर पड़ा वह वृद्ध गिद्ध—जटायु—अब उड़ नहीं सकता था, पर उसकी आँखों में अब भी आकाश शेष था। […]