भारत माँ की पुकार
राघवेन्द्र कुमार “राघव”- हर मां का हमें चाहिए बेटा हर बहना का भाई । भारत माता ने रोते – रोते आवाज़ लगाई । आज पुनः दर्पी दुश्मन चढ़ हिन्द – ए – भाल पर आया […]
राघवेन्द्र कुमार “राघव”- हर मां का हमें चाहिए बेटा हर बहना का भाई । भारत माता ने रोते – रोते आवाज़ लगाई । आज पुनः दर्पी दुश्मन चढ़ हिन्द – ए – भाल पर आया […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत की राजनीति में इस समय ‘म’ का अत्यन्त महत्त्व है, क्योंकि सत्ता प्रत्यक्षत: तीन प्रकार के चरित्रवाले ‘म’ के मुँह लग चुकी है। ‘म की माया’ विलक्षण है। हमारे क्रान्तिधर्मी कवि […]
जगन्नाथ शुक्ल (इलाहाबाद) मञ्चों से नित गीता गाता, औ पढ़ता क़ुरान की आयत हूँ। विविध धर्म औ भाषाओं संग, मैं वो जीता – जागता भारत हूँ। सुबह सवेरे भरता अज़ान, औ पूजता नित ऐरावत हूँ। […]
आशीष सागर- कलम तोड़ने वाले अक्सर किरदार यहाँ बिक जाते है , खबर के अगले दिन ही रद्दी में अख़बार यहाँ बिक जाते हैं । ब्यूरोक्रेसी की क्या बात करे अब तमाशबीन है जनता भी, […]
राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’- प्रधान संपादक, इण्डियन वॉयस 24 अब तो धर्मशत्रु पहचानो, भारत कहे पुकार के । सत्ता के लालच में तुम क्यों, चरणों में हो गद्दार के ॥ कब तक छद्म देश भक्ति, भारत […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- काँग्रेस और साम्यवादी अलग-अलग विचारधारा के रहे हैं और उनके विचार-व्यवहार कभी मौलिक नहीं रहे हैं, इसीलिए आदर्शपूर्ण सारे सिद्धान्तों को चुल्लू-भर पानी में डुबोते हुए, दोनों ने एक-दूसरे के साथ अप्रत्याशित […]
जगन्नाथ शुक्ल, इलाहाबाद- देश हमारा सन्त सरीखा मुकुट हिमालय है जिसका । कटि में बनी मेखला गङ्गा सागर पग धोता है जिसका।। धन्य है भारत भूमि सखे! धन्य है इसकी अतुल कान्ति। इस मिट्टी के […]