भारत माँ की पुकार

February 15, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार “राघव”- हर मां का हमें चाहिए बेटा हर बहना का भाई । भारत माता ने रोते – रोते आवाज़ लगाई । आज पुनः दर्पी दुश्मन चढ़ हिन्द – ए – भाल पर आया […]

भारत की ‘सत्ता’ की राजनीति में ‘म’ की दमदार उपस्थिति!

July 25, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत की राजनीति में इस समय ‘म’ का अत्यन्त महत्त्व है, क्योंकि सत्ता प्रत्यक्षत: तीन प्रकार के चरित्रवाले ‘म’ के मुँह लग चुकी है। ‘म की माया’ विलक्षण है। हमारे क्रान्तिधर्मी कवि […]

जीता-जागता भारत हूँ

February 18, 2018 0

जगन्नाथ शुक्ल (इलाहाबाद) मञ्चों   से  नित   गीता  गाता, औ पढ़ता क़ुरान की आयत हूँ। विविध  धर्म औ  भाषाओं  संग, मैं वो जीता – जागता  भारत हूँ। सुबह   सवेरे    भरता    अज़ान, औ   पूजता   नित   ऐरावत  हूँ। […]

भारत की अर्थी

January 3, 2018 0

आशीष सागर- कलम तोड़ने वाले अक्सर किरदार यहाँ बिक जाते है , खबर के अगले दिन ही रद्दी में अख़बार यहाँ बिक जाते हैं । ब्यूरोक्रेसी की क्या बात करे अब तमाशबीन है जनता भी, […]

दसों दिशाओं में हो मातम, अब घर – घर में गद्दार के

December 26, 2017 0

राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’- प्रधान संपादक, इण्डियन वॉयस 24 अब तो धर्मशत्रु पहचानो, भारत कहे पुकार के । सत्ता के लालच में तुम क्यों, चरणों में हो गद्दार के ॥ कब तक छद्म देश भक्ति, भारत […]

भारत-भारतीयता तथा सनातन संकट में!

December 10, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-  काँग्रेस और साम्यवादी अलग-अलग विचारधारा के रहे हैं और उनके विचार-व्यवहार कभी मौलिक नहीं रहे हैं, इसीलिए आदर्शपूर्ण सारे सिद्धान्तों को चुल्लू-भर पानी में डुबोते हुए, दोनों ने एक-दूसरे के साथ अप्रत्याशित […]

मेरा भारत सुन्दर भारत

November 19, 2017 0

जगन्नाथ शुक्ल, इलाहाबाद- देश हमारा सन्त सरीखा मुकुट हिमालय है जिसका । कटि में बनी मेखला गङ्गा सागर पग धोता है जिसका।। धन्य है भारत भूमि सखे!  धन्य है इसकी अतुल कान्ति। इस मिट्टी के […]