निराश क्यों ?
आकांक्षा मिश्रा, बस्ती उत्तर -प्रदेश- हे मनुष्य ! तुम कभी विफल नहीं हुए फिर अकारण निराश क्यों ? कल्पना के अधीन होकर स्थिरता का कैसा विस्तार कर रहा है मनुष्य । प्रकृति का स्पर्श ही […]
आकांक्षा मिश्रा, बस्ती उत्तर -प्रदेश- हे मनुष्य ! तुम कभी विफल नहीं हुए फिर अकारण निराश क्यों ? कल्पना के अधीन होकर स्थिरता का कैसा विस्तार कर रहा है मनुष्य । प्रकृति का स्पर्श ही […]
आरती जायसवाल (साहित्यकार, समीक्षक) परीक्षा और परीक्षा परिणामों से निराश हुए बिना प्रतिभा के आधार पर अपने लक्ष्य का निर्धारण करें क्योंकि“परीक्षा परिणाम बच्चों द्वारा दी गई परीक्षा का आकलन होता है न कि उनके […]