“पर्यावरण-प्रणालियाँ राष्ट्रीय सीमाओं का सम्मान नहीं करतीं”– डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
“पर्यावरण के विषय में राष्ट्रीय सीमाएँ इतनी झीनी हो चुकी हैं कि स्थानीय, राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय महत्त्व के मध्य का अंतर अब समाप्त हो चुका है। पर्यावरण-प्रणालियाँ राष्ट्रीय सीमाओं का सम्मान नहीं करतीं। आजकल विकास […]