भारतीय समाज को ‘धर्म’ अथवा ‘मज़्हब’ की लोरियाँ सुनाते देशद्रोही!

June 14, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जो कथित हिन्दू अपने सेवाकाल मे रिश्वतख़ोर रहे हैं और हैं; अपराधी रहे हैं और हैं, उनमे से अधिकतर कथित ‘न्यू इण्डिया की सरकार’ की जनघाती नीतियों के पक्षधर बने […]

भारतीय समाज की स्वस्थ संरचना को विकृत करते लोग!

May 20, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जो कथित हिन्दू अपने सेवाकाल मे रिश्वतख़ोर रहे हैं और हैं; अपराधी रहे हैं और हैं, उनमे से अधिकतर कथित मोदी-सरकार की जनघाती नीतियों के पक्षधर बने हुए हैं। उन्हें […]

प्रेमचन्द के उपन्यासों में भारतीय समाज का मानसिक चिन्तन है – आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

July 31, 2020 0

● प्रेमचन्द की जन्मतिथि ३१ जुलाई पर विशेष ‘सर्जनपीठ’, प्रयाग की ओर से आज प्रेमचन्द की जन्मतिथि के अवसर पर ‘प्रेमचन्द– एक सार्वकालिक कथाकार’ विषयक एक सारस्वत आयोजन अलोपीबाग़, प्रयागराज में किया गया। आयोजन की […]

भारतीय समाज में आरक्षण का औचित्य?

June 27, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय केन्द्र-शासन की आरक्षण-नीति की स्पष्ट मंशा अब समझ में आने लगी है कि देश को योग्य, कर्मठ तथा प्रतिभाशाली जातियों की आवश्यकता नहीं है। या तो संख्या के आधार पर जातियों को […]