”न्यायतन्त्र को सरकारी शिकंजे मे जकड़ लिया गया है”– न्यायाधीश क ख ग

January 25, 2026 0

‘गणतन्त्र-दिवस’ के अवसर पर विशेष प्रस्तुति प्रयागराज। ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से भारतीय गणतन्त्र-दिवस की पूर्व-संध्या मे एक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया, जिसमे देश के प्रतिष्ठित न्यायाधीश, अधिवक्ता एवं अन्य प्रबुद्धजन की […]

न्यायालय के आदेश पर गौसगंज की निर्वाचित प्रधान के अधिकार होंगे बहाल

December 1, 2022 0

कछौना, हरदोई। विकासखंड कछौना की ग्रामसभा गौसगंज में चुनाव के संबंध में हुई गड़बड़ी को लेकर न्यायालय में एक वाद दायर था। ग्राम प्रधान हसरतुन निशा पत्नी रियाजुल हक के खिलाफ अंजू पत्नी रवीश कुमार […]

जमानत-आवेदनो पर फैसला करते समय पार्टियों द्वारा उठाये गये सभी तर्कों पर विचार करने के लिए अदालतें बाध्य : कर्नाटक हाईकोर्ट

August 7, 2022 0

जे. के. चौधरी, एडवोकेटउच्च न्यायालय खंडपीठ, लखनऊ 9453333384 कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि अदालतें अपने समक्ष दायर एक जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पार्टियों द्वारा उठाए गए सभी तर्कों पर विचार करने और […]

हिंदू धर्म में द्विविवाह की कोई अवधारणा नहीं, दूसरी पत्नी को पहली पत्नी के होते हुए पारिवारिक पेंशन का अधिकार नहीं : गुवाहाटी हाईकोर्ट

August 4, 2022 0

जे. के. चौधरी एडवोकेट, उच्च न्यायालय खण्डपीठ, लखनऊ 9453333384 गुवाहाटी हाईकोर्ट ने माना कि हिंदू धर्म में द्विविवाह की कोई अवधारणा नहीं है और इसलिए पहली पत्नी के होते हुए, दूसरी पत्नी पारिवारिक पेंशन की […]

जिला जज ने राष्ट्रीय लोक अदालत सफल बनाने के लिए न्यायिक अधिकारियों को दिए निर्देश

July 19, 2022 0

जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुरेन्द्र सिंह-प्रथम की अध्यक्षता में तथा प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/सिविल जज सीनियर डिवीजन हरदोई लाल बहादुर गोंड की उपस्थिति में अधिक से वादों का निस्तारण […]

पॉक्सो एक्ट में निरुद्ध अभियुक्त को 5 वर्ष कारावास की सजा

March 10, 2021 0

कौशांबी पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह के कुशल निर्देशन में थाना मोहम्मदपुर पइंसा पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 118/15 धारा 452/354 आईपीसी तथा 8 पॉक्सो एक्ट के अभियुक्त श्रवण कुमार पुत्र वीर धोबी निवासी कैमा थाना […]

न्यायिक क्षेत्र में अतिरिक्त अदालतों का गठन योगी सरकार का बड़ा फैसला

November 11, 2017 0

सबको न्याय और सुगम न्याय देने के लिए अतिरिक्त अदालतों का गठन और अनुपयोगी कानून निरस्त करने का योगी सरकार का फैसला स्वागत योग्य है । सरकार ने सत्र न्यायालय की कार्य अवधि बढ़ाने जैसे […]