पूरे 9 साल बाद “आप” यहाँ और वो कहाँ ..?

November 26, 2021 0

पूरा आर्टिकल अवश्य पढ़ें… ज्ञान के बिना धर्म अंधा है।कर्म के बिना लूला-लँगड़ा तथा भक्ति के बिना निष्प्राण होता है।वही व्यक्ति पूर्णतया धार्मिक है जिसके जीवन मे इन तीनों का ही समग्र विकास होता है।🌷महाराजा […]

चिन्तन-अनुचिन्तन

May 20, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मनसा-वाचा-कर्मणा सुदृढ़ मानसवाला मनुष्य हर किसी को रास नहीं आता; क्योंकि वह प्रत्येक सत्य को ‘सत्य’ के साथ निर्लिप्त भाव के साथ कहता है; उसके कथन और कर्म में कोई […]

कर्म निष्ठा के साथ परमेश्वर का ध्यान ज़रूरी : श्री सुधांशु जी महाराज

November 17, 2017 0

पटियाला- धर्मनिष्ठा में रत हों या कर्मनिष्ठा में संलग्न हों, हर समय परमपिता परमेश्वर का ध्यान करने से व्यक्ति सफलता के चरमोत्कर्ष पर पहुँच जाता है। यह ध्यान योग साधक को प्रभु के समीप लाता […]