व्यावहारिक तिथि, मास तथा वर्ष की उपेक्षा क्यों?
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- हमने जब अँगरेज़ी तिथि, माह तथा वर्ष अङ्गीकार कर लिये हैं तब उन्हें ‘आङ्गल’ कहकर, उनका तिरस्कार करना बुद्धिमत्ता नहीं। जीवन-मरण की गणना भी उन्हीं के आधार पर की जाती हैं; […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- हमने जब अँगरेज़ी तिथि, माह तथा वर्ष अङ्गीकार कर लिये हैं तब उन्हें ‘आङ्गल’ कहकर, उनका तिरस्कार करना बुद्धिमत्ता नहीं। जीवन-मरण की गणना भी उन्हीं के आधार पर की जाती हैं; […]