सच में मेरे राम आने को हैं
शिशु तुतलाकर पहली बार ‘मां’ बोलने को है, चिड़ियां कलरव करने को हैं, कोयल गान सुनाने को है; हिमनद पिघलकर मरुस्थल की ओर बढ़ने को है, कुंआ खुद चलकर प्यासे के पास आने को है, […]
शिशु तुतलाकर पहली बार ‘मां’ बोलने को है, चिड़ियां कलरव करने को हैं, कोयल गान सुनाने को है; हिमनद पिघलकर मरुस्थल की ओर बढ़ने को है, कुंआ खुद चलकर प्यासे के पास आने को है, […]
जगन्नाथ शुक्ल…✍ (प्रयागराज) हे राम! अयोध्या तुम्हें बुलाती है; राह में दीये जलाती है। हे राम!…………. तुम्हीं हो मेरे आठों याम; तुम्हीं से रघुवर ये सुखधाम। तुम्हीं से मुरली की है तान; तुम्हीं से जीवन […]