हमारे मीडियाकर्मी ‘पार्थिव शरीर’ और ‘पंचतत्त्व’ को नहीं समझते

August 18, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश के समस्त मीडिया-तन्त्र में काम करनेवालों को ‘पार्थिव शरीर’ और ‘पंचतत्त्व’ की अर्थ, परिभाषा तथा अवधारणा का ज्ञान नहीं है अथवा वे समझना नहीं चाहते। वस्तुत: प्राणी जीवित अथवा मृत अवस्था […]