शब्दधर्मी परा-प्राकृतिक शक्ति धारण करता है
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आप यदि वास्तव में, अपनी रचनाशीलता को जीते हैं और भोगते हैं तो आपकी उपयोगिता और महत्ता सार्वकालिक है, क्योंकि ईमानदार शब्दधर्मी की सार्वत्रिक प्रतिष्ठा होती है। निस्सन्देह, वह विनम्र होता है, […]