दार्शनिक दृष्टिकोण
बहुत ‘पुण्य’ करने पर ही ‘न्याय’ प्राप्त होता है।बहुत ‘न्याय’ करने पर ‘प्रेम’ प्राप्त होता है।बहुत ‘प्रेम करने पर ‘सत्य’ प्राप्त होता है।सत्य ही परम उपलब्धि है। सत्य उपलब्ध होने पर मानव जीवन पूर्णता को […]
बहुत ‘पुण्य’ करने पर ही ‘न्याय’ प्राप्त होता है।बहुत ‘न्याय’ करने पर ‘प्रेम’ प्राप्त होता है।बहुत ‘प्रेम करने पर ‘सत्य’ प्राप्त होता है।सत्य ही परम उपलब्धि है। सत्य उपलब्ध होने पर मानव जीवन पूर्णता को […]
युवा जरूर पढ़ें यह आर्टिकल व अपनी प्रतिक्रिया भी लिखें…!! प्रश्न–जाति क्या है…?What is the caste…?उत्तर–जन्मतः प्राप्त उपाधि ही जाति है। जो जिससे जन्म लेता है वह उसी जाति की उपाधि वाला होता है। जैसे- […]
लखनऊ : श्रीमद्जगद्गुरु शारदा सर्वज्ञ पीठम एवं हिंदी कश्मीरी संगम के संयुक्त तत्वावधान में कश्यप मुनि की भूमि जिसे कालान्तर में धरती का स्वर्ग कश्मीर कहा गया की धड़कन श्रीनगर में आयोजित एकादश श्रीशारदा शताब्दी […]
आलोक सिंह (हरदोई)- मित्रों, मैं समझता हूँ,कि मेरी इस बात से कई लोग सहमत नहीं हो सकते ,किन्तु मुझे यह कहने में जरा भी संकोच नहीं कि भारत में रहने वाला प्रत्येक नागरिक सर्वप्रथम हिन्दू […]