दिनदहाड़े चला फलदार हरे वृक्षों पर आरा, प्रसाशन बेखबर
राहुल मिश्र, बघौली ● सवाल यह है कि दिनदहाड़े हरे आम के पेड़ों पर लकड़कट्टों द्वारा चलाए जा रहे आरे से प्रशासन वाकई अनजान था या सब कुछ जानते हुए भी प्रशासन अनजान बना रहा। […]
राहुल मिश्र, बघौली ● सवाल यह है कि दिनदहाड़े हरे आम के पेड़ों पर लकड़कट्टों द्वारा चलाए जा रहे आरे से प्रशासन वाकई अनजान था या सब कुछ जानते हुए भी प्रशासन अनजान बना रहा। […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विद्यार्थी इतने मेधावी हो गये हैं— ९९% से भी अधिक अंक पाने लगे ? सच तो यह है कि सारी प्रयोगात्मक परीक्षाएँ पूरी तरह से बेईमानी पर आधारित होती हैं; क्योंकि सारे-के-सारे […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- हमारे देश में ऐसे लोग की संख्या बहुत है, जो कहते हुए सुने जाते हैं : भाषा की शुद्धता ज़रूरी नहीं है; भाषा किसी भी तरह से सम्प्रेषित हो जाये, यही हमारा […]