दिनदहाड़े चला फलदार हरे वृक्षों पर आरा, प्रसाशन बेखबर

राहुल मिश्र, बघौली

सवाल यह है कि दिनदहाड़े हरे आम के पेड़ों पर लकड़कट्टों द्वारा चलाए जा रहे आरे से प्रशासन वाकई अनजान था या सब कुछ जानते हुए भी प्रशासन अनजान बना रहा।

—–वन विभाग की भूमिका संदिग्ध——

अहिरोरी ब्लाक के अंतर्गत गांव कुइयां में दिनदहाड़े लकड़कट्टोंने पांच आम के हरे भरे पेड़ों को काट डाला लेकिन प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी ।

ज्ञात हो कि कुइयां गांव निवासी पूर्व प्रधान महेश के बाग में ठेकेदार द्वारा तीन फलदार हरे आम के पेड़ों का परमिट बनवाकर दबंग ठेकेदार ने पांच पेड़ों को कटवा डाला । इससे साफ जाहिर होता है कि इसमें कहीं न कहीं वन विभाग की संलिप्तता है । लेकिन जब इन लकड़कट्टों के संबंध में वन क्षेत्राधिकारी हरदोई रत्नेश श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि तीन पेड़ों का परमिट दिया गया है । यदि परमिट से ज्यादा पेड़ काटे गए तो संबंधित ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा ।

बात यह नहीं है कि ठेकेदार द्वारा कितने पेड़ काटे गए हैं । सवाल यह है कि जहां एक ओर सरकार पर्यावरण बचाओ का नारा लगा रही है और प्रदेश सरकार की ओर से पौधरोपण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है लेकिन दूसरी ओर हरे-भरे फलदार वृक्षों पर वन विभाग दिनदहाड़े आरा चलवा रहा है । अगर इसी तरह हरे-भरे फलदार पेड़ों को ठेकेदारों द्वारा उजाड़ा गया तो पर्यावरण का विनाश निश्चित है और वह दिन दूर नहीं है जब पूरा समाज पानी की एक-एक बूंद को तरस जाएगा ।

लेकिन सवाल यह है कि दिनदहाड़े हरे आम के पेड़ों पर लकड़कट्टों द्वारा चलाए जा रहे आरे से प्रशासन वाकई अनजान था या सब कुछ जानते हुए भी प्रशासन अनजान बना रहा।