“मील के पत्थर पड़े घायल, ठिठके पाँव, ओझल गाँव”– अटलबिहारी वाजपेयी

December 25, 2024 0

(एक अति संवेदनशील कवि-पत्रकार एवं देश के पूर्व-प्रधानमन्त्री अटलबिहारी वाजपेयी के साथ डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-द्वारा की गयी एक मुक्त भेँटवार्त्ता) महोदय! मै आपसे ‘राजनीति’ विषय पर बिलकुल प्रश्न नहीँ करूँगा। मेरे सारे प्रश्न शिक्षा, साहित्य, […]

ये देश रहना चाहिए, लोकतंत्र अमर रहना चाहिए : अटल जी

December 25, 2022 0

“सत्ता का खेल तो चलेगा, सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियाँ बनेंगी, बिगड़ेंगी, मगर ये देश रहना चाहिए। इसका लोकतंत्र अमर रहना चाहिए।” -अटल जी बात 1994-95 की है। तब मैं कानपुर में रहकर बीएससी की पढ़ाई […]