सिद्धान्त सिंह :
शिक्षकों ने महानिदेशक स्कूली शिक्षा एवं निदेशक बेसिक शिक्षा को सौंपे गए मांगपत्र में विगत सात वर्षों से रुके पदोन्नति की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण करने की मांग किया। सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षकों ने कहा है कि बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित अधिकांश प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के हजारों पद पिछले सात वर्षों से विभागीय पदोन्नति न होने के कारण रिक्त है, जबकि अध्यापक सेवा नियमावली में प्रत्येक तीन वर्ष में अध्यापकों की वरिष्ठता सूची जारी कर पदोन्नति किये जाने का प्राविधान किया गया है। वर्षों से पदोन्नति न होने के कारण समस्त जनपदों के अधिकांश विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का प्रभार सहायक शिक्षकों को सौंप कर काम चलाया जा रहा है। इससे शिक्षण के साथ साथ कई सरकारी योजनाओं मिशन प्रेरणा कायाकल्प, निपुण भारत, डीबीटी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वर्षों से पदोन्नति न होने से अध्यापकों में भारी रोष है और उनका मनोबल टूट रहा है। इसलिए परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में वर्षों से सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत सभी अध्यापकों ने पदोन्नति की मांग की है। शिक्षकों ने कहा है कि जनपदों में अध्यापकों की वरिष्ठता सूची अध्यापक सेवा नियमावली में निहित निर्देशों के क्रम में शीघ्र जारी की जाय। प्राथमिक विदयालय में प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों की सूची जारी की जाए। रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति किये जाने के लिए शीघ्र विभागीय आदेश जारी किया जाए। पिछले दिनों विभिन्न विभागों में पदोन्नति की जा चुकी है, लेकिन परिषदीय शिक्षकों की पदोन्नति में की जा रही देरी समझ से परे एवं अन्यायपूर्ण है।