कछौना(हरदोई): भारत सरकार की नीति योजना आयोग के सदस्य गणों की टीम केंद्र सरकार द्वारा संचालित उज्ज्वला योजना, जन-धन योजना, मिशन इंद्रधनुष, सौभाग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना की जमीनी हकीकत देखने के लिए टीम बुधवार को ग्राम कलौली, लोन्हारा एवं गाजू पहुंचकर रूबरू हुई। जमीनी स्तर पर योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन न होना व भ्रष्टाचार देखकर टीम ने काफी नाराजगी दिखाई। वहीं पूरी रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने की बात कही।
टीम में नीति योजना आयोग के डायरेक्टर एस०के०सिंह व सचिव के०वी० नैयर ने ग्राम कलौली पहुंचकर घर-घर जाकर लाभार्थियों से योजना की जानकारी ली जिसमें ग्रामवासियों ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र न होने के कारण व योजनाओं की सही जानकारी न होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। जन-धन योजना के अंतर्गत खाताधारकों के बीमा की भी नहीं जानकारी की, इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण की स्थिति संतोषजनक मिली। वहीं ग्रामीणों से अपील की कि अपने बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करें और जनसंख्या नियंत्रण पर भी ध्यान दें।
इसके बाद टीम ग्राम पकरिया ऊसर पहुंची। जहां पर आजादी के 71 साल बाद ग्रामीण विद्युतीकरण को लेकर काफी उत्साहित थे। परंतु एजेंसी के लोगों द्वारा निशुल्क विद्युत कनेक्शन पर अवैध वसूली से काफी नाराजगी थी। ग्रामीणों ने बताया कि एजेंसी के लोगों द्वारा प्रति कनेक्शन (मीटर) धारकों से ₹200 की अवैध वसूली की गई है व निःशुल्क मिलने वाला LED बल्ब भी नहीं दिया गया है।
तत्पश्चात टीम ग्रामसभा गाजू के मजरा गोठवा पहुंची। गोठवा आजादी के 71 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं से काफी पीछे है। ग्रामीणों ने टीम को बताया कि हमारे गांव में अभी तक विद्युतीकरण का कार्य नहीं कराया गया है जिससे ग्रामीण अंधेरे में जीने को विवश हैं। इस पर विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारियों से पूछने पर कि आखिर प्रधानमंत्री कार्यालय से निर्गत सूची में विद्युतीकरण होने के बावजूद इस गांव में विद्युतीकरण क्यों नहीं कराया गया है? जिस पर कोई सटीक उत्तर न मिलने पर टीम ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और निर्देश दिया कि गांव में दो सप्ताह के अंदर विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर चालू हो जाना चाहिए। वहीं ग्राम गोठवा के एक पुरवा में सभी मकान झोपड़पट्टी में थे जो छप्पर व तिरपाल डालकर जीवन-यापन करने को विवश हैं। जिस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए खंड विकास अधिकारी कछौना से जानकारी लेनी चाही तो वह मौके से गायब मिले। बिना सूचना के मौके से गायब होने पर खंड विकास अधिकारी को दूरभाष पर कड़ी फटकार लगाई तथा निर्देश दिया कि इन परिवारों को चिन्हित करके तत्काल प्रधानमंत्री सूची में शामिल करें। अधिकारियों की खाऊं-कमाऊ नीति के चलते सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं पात्र व्यक्तियों तक नहीं पहुंच पाती हैं जिससे सरकार की छवि खराब होती है। नीति योजना आयोग के निदेशक ने कहा कि पूरी रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी जिससे कई अधिकारियों पर गाज गिरने की प्रबल संभावनाएं हैं।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी कछौना पी०एन० यादव व एडीओ पंचायत दीपक श्रीवास्तव, बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक रमेश यादव, विद्युत विभाग से अधीक्षण अभियंता, उपखंड अधिकारी, एच०सी०एल० टीम प्रशांत शुक्ला, गोविंद व ग्राम प्रधानगण आदि मौजूद थे।
रिपोर्ट: पी०डी० गुप्ता