भारतीय सेना के तोपख़ानों में ज़ंग लग गया है क्या?

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-


वर्षों से पाकिस्तान भारत पर मोर्टार से लगातार गोले दाग़ रहा है और हमारे सैनिक तुलनास्तर पर प्रतिकार नहीं कर पा रहे हैं; संयम दिखा रहे हैं, जो कि समय की माँग के अनुकूल नहीं कहा जायेगा। करने में असफल दिख रहे हैं। इस प्रच्छन्न युद्ध में अब तक हज़ारों की संख्या में सैनिक और नागरिक मारे जा चुके हैं।

देश का मुखिया विदेशों में घूम-घूमकर कीर्तिमान बना रहा है। गृहमन्त्री अपनी कर्त्तव्यविहीनता का परिचय दे रहे हैं तथा रक्षामन्त्री अपना मन्त्रालय न सँभाल, राजनीतिक आरोपों-प्रत्यारोपों में स्वयं को घिरी पाती हैं।

तो क्या भारत की सेना को ‘कायर’ बना दिया गया है? यदि नहीं तो पाकिस्तानी सेना इतनी मनबढ़ क्यों बन गयी है? सेना की इस भूमिका से हम देशवासियों का मनोबल घट रहा है।

कौन है, इसके लिए उत्तरदायी? भारत का जवान कायर नहीं रहा है, फिर सेना की ऐसी मानसिकता क्यों दिख रही है? किस बात की प्रतीक्षा है? देश का वर्तमान नेतृत्व नितान्त शिथिल हो चुका है; क्योंकि “फूट डालो और शासन करो” के कुमार्ग पर चल चुका है।
उठो देशवासियो! ऐसी निकम्मी सरकार के विरुद्ध आवाज़ उठाओ— देश में ‘सैन्य शासन’ हो।

(सर्वाधिकार सुरक्षित : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय; १३ मई, २०१८ ई०)