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किसानों के लिए यह बारिश वरदान की तरह किन्तु ओलावृष्टि की आशंका किए है परेशान

हरदोई- मंगलवार की देर रात शुरू हुई बारिश ने बुधवार की सुबह शहर की रफ्तार पर असर दिखाया। बारिश की वजह से सुबह सुबह शहर में जगह-जगह सन्नाटा नजर आया । बारिश का सिलसिला अभी भी थमा नहीं है । इसकी वजह से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई। बारिश रूक-रूक कर देर शाम तक जारी रही।

रात करीब 12 बजे शुरू हुई बूंदाबांदी का क्रम बुधवार की शाम भी जारी रहा। हालांकि कुछ समय के लिए आसमान साफ नजर आया। सूर्य देव ने भी कुछ समय के लिए अपनी आंखें खोली। जिससे लोगों में मौसम साफ होने के असर दिखने लगे। लेकिन महज चंद मिनटों के बाद फिर से आसमान पर बादल छा गए और तेज गड़गड़ाहट के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसकी वजह से लोग बारिश की बूंदों से बचने का प्रयास करते रहे तो बूंदाबांदी का क्रम दोपहर बाद तक जारी रहा। विगत कुछ दिनों से सुबह शाम भीषण कोहरे का सामना कर रहे लोगों के लिए अचानक शुरू हुई बारिश आफत बन गई। शहर की सड़कों पर जहां कुछ चुनिंदा वाहन रेंगते नजर आए तो वही सरकारी कार्यालयों में भी भीड़भाड़ नहीं दिखी। सुबह से लेकर शाम तक फरियादियों से भरे रहने वाले जिलाधिकारी कार्यालय में बारिश के दौरान महज एक दो शिकायतकर्ता नजर आए । यही आलम विकास भवन का रहा । कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों की भी लेटलतीफी का सिलसिला जारी रहा।

जिला अस्पताल में मरीजों की आने वाली बाढ़ ओपीडी में नहीं नजर आई। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ देखने को मिली इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में जहां शिक्षक देरी से पहुंचे तो वही बालक बालिकाओं की भी संख्या कम नजर आई। फिलहाल बारिश से कुछ समय के लिए शहर की रफ्तार थम सी गई हालांकि मौसम विभाग की ओर से अभी बारिश की संभावना बरकरार बताई गई है।

——–कुछ फसलों के लिए वरदान है बारिश ——-

मंगलवार की देर रात शुरू हुई बूंदाबांदी का जहां बुधवार की सुबह शहर की रफ्तार पर असर पड़ा। जिले के किसानों पर यह बारिश एक वरदान से कम नहीं है। बता दें इन दिनों खेतों में खड़ी गेहूं एवं खरीफ की फसलें हुई इस बारिश से किसानों को फायदा पहुंचा सकती हैं। इसकी वजह से किसानों की एक सिंचाई की बचत भी हुई है।

——–सरसों की फ़सल को हो सकता है नुकसान——

बूंदाबांदी से जहां किसानों की खरीफ की फसलों के लिए फायदा पहुंचा है तो वहीं तिलहन की फसलों के लिए यह बारिश इसी शामत से कम नहीं है। इन दिनों खेतों में पकी हुई सरसों इस बारिश से मिट्टी में मिल सकती है। इसको लेकर किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींची हुई नजर आ रही है। वहीं ओलावृष्टि का डर भी किसानों को सता रहा है।

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