अवनीश मिश्र लखनऊ
देव दीपावली के अवसर पर मनकामनेश्वर मंदिर की प्रमुख दिव्या गिरी के प्रयासों से गोमती घाट तीन लाख दीपों से रोशन हो गया। दीपावली के पंद्रवें दिन मंगलवार को सर्वार्थ सिद्धि योग में देव दीपावली पर स्नान-दान के साथ लाखों दीप जलाए गए।

इस अवसर पर गंगा घाटों को दीपमाला से सजाया जाता है। महंत देव्यागिरि ने बताया कि इसकी मान्यता है कि इस दिन देवलोक में उत्सव मनाया जाता हैऔर इस उत्सव की परंपरा उस समय से चली आ रही है मान्यता के अनुसार त्रिपुरासुर दानव के मारे जाने के बाद देवताओं ने विजय दिवस मनाया था। इस उपलक्ष्य में सोमवार से ही देव-दीपावली महोत्सव की शुरुआत हो गई। इसीलिए इस पर्व को त्रिपुरारी पूर्णमासी के नाम से भी जाना जाता है।

मनकामेश्वर मठ मंदिर में ढोल, शंख, डमरू के साथ महाआरती हुई। इस दौरान पूरे देश में शांति और सौहार्द की प्रार्थना की गई। महंत के अनुसार महाकाल की आरती की ज्योति से ही तीन लाख दीपक जलाए गए एवं बाल कलाकारों ने अपने नृत्य से वहां आए लोगों का मन मोह लिया।

मनकामेश्वर घाट पर दीपक जलाने एवं देखरेख का जिम्मा सौ लोगों को सौंपा गया था। तीन हजार सेवकों की मदद से दीपक रोशन किए गए। इसके साथ ही वाराणसी की तर्ज पर आदि गंगा के नाम से भी कहीं जाने वाली मां गोमती कि आरती भी हुई। कार्यक्रम में मेयर संयुक्ता भाटिया, सुनील बंसल एवं नैमिषारण्य के संत आदि भी शामिल हुए।