छुट्टा गोवंशों से निजात पाने हेतु ग्रामीणों ने नवीन गोशाला की मांग की

कछौना, हरदोई। प्रदेश की भाजपा सरकार निराश्रित गोवंशों के संरक्षण व संवर्धन हेतु सदैव प्रयासरत है। वर्तमान समय में छुट्टा गोवंशों की ज्वलंत समस्या है। छुट्टा गोवंश खेतों को नष्ट कर रहे हैं और सड़क हादसों में इजाफा भी हुआ है। गोवंशों की हालत दयनीय है। भूखे-प्यासे मवेशी सड़कों व खेतों पर लावारिस अवस्था में घूम रहे हैं, यहां तक कूड़े के ढेर में बेजुबान पशु पालीथीन खाकर मौत के घाट भी उतर रहे हैं।

खेती का मशीनीकरण होने के कारण व धार्मिक भावना के चलते छुट्टा मवेशियों की समस्या ज्वलंत रूप धारण कर ली है। वहीं सार्वजनिक भूमि चारागाह पर ग्रामीणों के अवैध कब्जा होने के कारण मवेशियों को चरने की समस्या खड़ी हो गई है। फसल बचाने हेतु किसानों ने खेतों में कंटीले/ब्लेड वाले तार लगा रखे हैं। जिनकी चपेट में आने से गौवंश घायल होकर तड़प तड़प कर मरने को विवश हैं।

बताते चलें विकासखंड कछौना की ग्राम सभा महरी के ग्रामीणों ने जनसुनवाई संख्या 40015521010464 के माध्यम से ग्राम सभा में वृहद गौशाला बनवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया ग्रामसभा महरी में चरागाह की भूमि गाटा संख्या 862क रकबा 10.2560 हेक्टेयर भूमि पड़ी है। जिस पर धीरे-धीरे स्थानीय किसानों द्वारा कब्जा किया जा रहा है।

न्याय पंचायत बरौली में अभी तक कोई भी गौशाला नहीं खुलवाया गया है। महरी ग्राम सभा में लगभग 800 गौवंश आवारा घूम रहे हैं। यह गौवंश जिसके खेत में घुस जाते हैं, उस खेत को पूरी तरह से चट कर जाते हैं। जिससे वह किसान कड़कड़ाती ठंड में भी दिन-रात रतजगा करके फसल बचाने को मजबूत है। किसानों ने खेतों में ब्लड वाले तार लगा रखे हैं। जिनकी चपेट में आने से बेजुबान पशु घायल होकर मरने को विवश हैं। प्रत्येक गांव में पशु मृत अवस्था में पड़े देखे जा सकते हैं। जिनका अंतिम संस्कार ग्राम पंचायत, जिला पंचायत द्वारा न कराए जाने के कारण पूरे गांव में बदबू फैलती है। जिससे संक्रामक बीमारी फैलने की प्रबल संभावना बनी रहती है। समय रहते छुट्टा गौवंशों की समस्या का निराकरण न कराए जाने के कारण आगामी विधानसभा चुनाव में मौजूदा सरकार को किसान सबक सिखाने का मन बना चुके हैं। वहीं क्षेत्र में बने गौआश्रय स्थल ग्राम प्रधान व सचिवों के रुचि न लेने के कारण कब्रगाह बने हुए हैं। बेसहारा पशुओं के लिए गौशाला बनवाने की ग्रामीणों ने मांग जिलाधिकारी, क्षेत्रीय विधायक, सांसद अशोक रावल, मुख्यमंत्री से की है।

इस संदर्भ में खंड विकास अधिकारी कछौना ने बताया ग्राम पंचायत महरी में गौशाला निर्माण हेतु अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं उपलब्ध कराया गया है। जिसके कारण भूमिका चिन्हीकरण कराना संभव नहीं है। ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव मिलने पर ही नवीन गौशाला का निर्माण कराया जा सकता है।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता