● एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने गोष्ठी का किया आयोजन
कछौना (हरदोई)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बालामऊ इकाई के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को स्वामी विवेकानंद जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा कस्बा स्थित जनता इंटर कॉलेज में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सुरेश अवस्थी ने की। कार्यक्रम में कोतवाली कछौना की प्रभारी निरीक्षक हंसमती बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहीं।

जनता इंटर कॉलेज के सभागार में आयोजित गोष्ठी कार्यक्रम का शुभारंभ एबीवीपी कार्यकर्ता निशीष गुप्ता ने परिषद गीत के साथ किया तदोपरांत मुख्य अतिथि कोतवाल हंसमती एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य सुरेश अवस्थी ने संयुक्त रुप से मां शारदे एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एबीवीपी के नवनियुक्त जिला सहसंयोजक शुभम शुक्ला भगत ने कहा कि एबीवीपी के द्वारा प्रत्येक वर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि विवेकानंद बचपन से ही अद्भुत प्रतिभा के धनी थे, उन्होंने विदेश में भारतीय सभ्यता-संस्कृति का प्रचार-प्रसार करते हुए देश को वैश्विक स्तर पर अलग पहचान दिलाई। आज भी न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी लोग विवेकानंद की छवि और विचार धारा के अनुयायी हैं। विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से छात्र हितों के साथ सामाजिक मुद्दों एवं राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करती आ रही है। परिषद स्वामी विवेकानंद के ‘कथन उठो जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये’ से प्रेरणा लेकर कार्य करती आ रही है।
प्रभारी निरीक्षक हंसमती ने महिला सशक्तिकरण के बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि देश की बेटियां आज समाज के हर पहलू में अग्रणी हैं। उन्होंने बताया कि नगर कछौना में बालिकाओं की सुरक्षा के मद्देनजर विद्यालयों की छुट्टी के समय पुलिस टीम तैनात रहती है। इसके अलावा मनचलो और शोहदों पर नकेल कसने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड की टीम भी चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहती है। वहीं जिला एसएफडी प्रमुख सूरज पांडे, नगर अध्यक्ष दिनेश विश्वकर्मा सहित ने एबीवीपी के उद्देश्य, कार्यों पर विचार व्यक्त किये।
प्रधानाचार्य सुरेश अवस्थी ने छात्रों व युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर के युवाओं के लिए विवेकानंद का जीवन एक आदर्श प्रस्तुत करता है, सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। 1893 में अमेरिका के शिकागो शहर में आयोजित विश्व धर्म संसद मे उनके संबोधन के शुरुआती शब्दों “मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों” ने भौतिकवादी दुनिया मे भारतीय संस्कृति की छाप छोड़ते हुए ऐसा प्रभाव डाला जिससे पूरे विश्व में भारतीयता का परचम लहरा गया। इस अवसर पर भाजपा के जिला संयोजक लघु उद्योग प्रकोष्ठ एवं नामित सभासद पंकज शुक्ला, नामित सभासद ब्रह्म कुमार सिंह, विश्व हिन्दू परिषद के नगर अध्यक्ष विनय शुक्ला, निशीश गुप्ता, दुर्गेश सिंह, श्यामजी मिश्रा, पुष्पेन्द्र सैनी सहित बड़ी संख्या में एबीवीपी के कार्यकर्ता और नगर के सम्मानित नागरिक, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
दीपक कुमार श्रीवास्तव