★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
‘हिन्दू-हिन्दुत्व’ की आड़ में बनायी गयी ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ कोरोना से मरे और मर रहे हिन्दुओं के शवों की दुर्दशा क्यों करा रही है? एक ‘कफ़न’ तक नहीं मिल रहा है; शव दफ़्न किये जा रहे हैं? कहाँ हैं, हिन्दू-रीति और नीति? अन्त में, वे तो ‘मुसलमान’ हो गये? ‘लव जेहाद’ के लिए क़ानून बनवाये; परन्तु हिन्दुओं के मरने पर दफ़्न किये-कराये जा रहे हिन्दुओं के ‘धर्म’ नष्ट होने पर मोदी-शाह-योगी ‘किंकर्त्तव्यविमूढ़’ बने हुए हैं।
सिद्ध हो जाता है कि मोदी-शाह-योगी ने आपदा-विपदा को अपना ‘अवसर’ बनाया है और यह भी कि तीनों ने ही ‘हिन्दू-मुसलमान’ की राजनीति कर, हमारे भारतीय समाज से आपसी सौहार्द को ज़मींदोज़ कर दिये हैं। देश की राजनीति से जब तक दोनों का पटाक्षेप नहीं होगा, हमारा राष्ट्र ‘अपंग’ बना रहेगा। अब तीनों के ही चेहरे पर लगे ‘हिन्दू-हिन्दुत्व’ के मुखौटे को नोच लेने की आवश्यकता है, अन्यथा ये हमारी राष्ट्रीयता को खा जायेंगे।
भारतवासियो! साम्प्रदायिक सद्भाव का अलख जगाते हुए, जागो।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १९ मई, २०२१ ईसवी।)