हिन्दी के प्रसार प्रचार और लोगों में भाषा की जागरुकता के उददेश्य से आज 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस मनाया जा रहा है । पहला विश्व हिन्दी दिवस सम्मेलन 10 जनवरी, 1975 को वैश्विक पटल पर हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए नागपुर में आयोजित किया गया था । सभी भारतीय दूतावास वर्ष 2006 से विदेशों में 10 जनवरी को हिन्दी दिवस मनाते हैं । परम्परागत मीडिया, सिनेमा और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म और सूचना प्रौद्योगिकी के युग में हिन्दी का प्रसार लगातार बढ़ रहा है ।
विश्व हिंदी दिवस पर काठमांडू में आयोजित समारोह में नेपाल के संस्कृति मंत्री जितेन्द्र नारायण देव ने कहा है कि हिंदी न सिर्फ भारतीय उप-महाद्वीप के लिए, बल्कि समूची मानवता के लिए ज्ञान का भंडार है । श्री देव ने कहा कि हिंदी भारत और नेपाल को जोड़ने वाली भाषा है।
विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर एक समारोह में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार हिंदी भाषा को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन दे रही है । विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के लोग भी हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं। लोगों को पता नहीं क्यों लगता है कि हिन्दी केवल भारत की भाषा है । लेकिन विश्व के कोने-कोने में जो प्रवासी भारतीय बस रहे हैं, वह वहाँ हिंदी में बोलते हैं । उन्होंने अपनी भाषा और संस्कृति को जिंदा रखा है ।