हमे लिपि और भाषा का समादर करना सीखना होगा

May 15, 2024 0

‘सर्जनपीठ’ और ‘भारती भवन पुस्तकालय का संयुक्त बौद्धिक परिसंवाद आरम्भ मे, समारोह-अध्यक्ष और मुख्य अतिथि ने दीप-प्रज्वलन और आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के चित्र पर माल्यार्पण करके बौद्धिक परिसंवाद-कार्यक्रम का उद्घाटन किया था, तत्पश्चात् कवि […]

शुद्ध शब्द-प्रयोग का ज्ञान प्राथमिक पाठशाला से ही कराना होगा

September 16, 2022 0

‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान मे १५ सितम्बर को ‘सारस्वत सभागार’, लूकरगंज, प्रयागराज मे ‘शुद्धता के साथ भाषा का उत्थान कैसे हो?’ विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। आरम्भ मे, मुख्य अतिथि डॉ० कल्पना वर्मा […]

भाषा का संरक्षण और शोध करने के उद्देश्‍य से की गयी थी पोट्टी श्रीरामुलू तेलुगू विश्‍वविद्यालय की स्थापना

December 12, 2021 0

उप-राष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने क्षेत्रीय और स्‍थानीय भाषाओं को प्रशासनिक भाषा बनाने की आवश्‍यकता पर बल दिया है। उन्‍होंने विश्‍वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्‍थाओं से भारतीय भाषाओं का संरक्षण करने और शोध को इस प्रकार आगे […]

कान पकाती सदाबहार ज़ुम्लेबाज़ी

February 6, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आरोपी (यहाँ शुद्ध और उपयुक्त शब्द ‘आरोपित’ है।) पकड़ लिये गये हैं; गिरफ़्तारी (शुद्ध शब्द ‘गिरिफ़्तारी’ है।) हो गयी है; निलम्बित किये गये हैं; जाँच के आदेश दे दिये गये […]

सबके कल्याण की प्रबल हिमायती है अवधी : डॉ० विद्या बिन्दु सिंह

October 4, 2020 0

● अवधी के अनुपम अनुष्ठान ‘भाखा पत्रिका विमोचन’ के मौके पर अवधी के माहात्म्य पर वक्ताओं ने डाला प्रकाश । दिल्ली – ‘जइसे सबके दिन बहुरे हइ भगवान वइसै हमरेउ दिन बहुरै’ जैसी विश्व कल्याण […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें

October 2, 2018 0

★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें :—- साहित्येत्तर, विवाहेत्तर, पाठ्येत्तर, संग्रहित, गणमान्य, ख्याल, सूनसान, अनुग्रहित, बहुत बेहतर, सबसे बेहतरीन, बावजूद भी, अत्यन्त ही, प्राणप्रण, आद्यान्त, प्रवाहमान, सेवा-सुश्रूषा, शोधछात्र, विद्वतजनों, समर्थवान, गुणीजनों, कार्यकत्री। ★ शुद्ध शब्द :– साहित्येतर, […]

सीखने-सिखाने की ‘सामर्थ्य’ जाग्रत कीजिए

July 17, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, ‘भाषापरिष्कार-समिति’ केन्द्रीय कार्यालय, इलाहाबाद ——————————————————– शब्द : भारी बहुमत से, प्रचण्ड बहुमत से, बहुत भारी बहुमत से, भयंकर बहुमत से ——————————————————– ये सारे शब्द अब सार्वजनिक सम्पत्ति हो चुके हैं; ज़ाहिर है, […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला – आरम्भ-प्रारम्भ-समारम्भ-परिरम्भ

May 19, 2018 0

आरम्भ– किसी भी कार्य की प्रथम अवस्था का अनुष्ठान अथवा सम्पादन ‘आरम्भ’ है। दूसरे शब्दों में— कोई भी कार्य जब पहली बार किया जाता है तब उसे ‘आरम्भ’ कहा जाता है। अब ‘आरम्भ’ शब्द-संरचना पर […]

संस्‍कृत, विज्ञान और अध्‍यात्‍म की भाषा है : राष्‍ट्रपति

April 22, 2018 0

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि संस्‍कृत, विज्ञान और अध्‍यात्‍म की भाषा है। कल नई दिल्‍ली में लाल बहादुर शास्‍त्री राष्‍ट्रीय संस्‍कृत विद्यापीठ के 17वें दीक्षांत समारोह को सम्‍बोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला में अनुराग-आसक्ति, प्रेम, प्रीति (प्यार), मोह-व्यामोह, स्नेह, प्रणय सद्भाव

March 2, 2018 0

अनुराग-आसक्ति :— आइए! पहले ‘अनुराग’ शब्द की व्युत्पत्ति को समझें :— यह संस्कृत का पुल्लिंग-शब्द है। इसमें ‘अनु’ उपसर्ग है और ‘रञ्ज्’ धातु में ‘घञ्’ प्रत्यय प्रयुक्त कर, ‘राग’ का सर्जन किया गया है। रञ्ज् […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला में जानिए आरोपी-आरोपित का सही प्रयोग

March 1, 2018 0

दीर्घ काल से ‘आरोपी’ शब्द-प्रयोग का प्रचलन है। यह प्रयोगधर्मिता अब एक ऐसा दृश्य प्रस्तुत करती है, जहाँ एक भेड़ के पीछे अरबों-खरबों की संख्या में भेड़ों का झुण्ड बिना जाने-समझे चला जा रहा है। […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला — तीन

February 25, 2018 0

रंग-विरंगा-रंग-बिरंगा/ रंगविरंगा-रंगबिरंगा यहाँ पर दो शब्द हैं, जो मिलकर ‘विशेषण’ नामक शब्दभेद का बोध कराते हैं। प्रायः प्रत्येक स्थान पर, प्रत्येक मनुष्य-द्वारा ‘रंग-बिरंगा’ शब्द का लेखन और उच्चारण किया जाता है और अधिकतर पुस्तकों में […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला : सौन्दर्य और सौन्दर्य-बोध की अवधारणा

February 22, 2018 0

भाषा व्यक्तित्व को निखारती है और उसमें एक सुखद आकर्षण पैदा करती है। आइए, और अपने व्यक्तित्व को सँवारिए ! सौन्दर्य और सौन्दर्य-बोध की अवधारणा :— कोई भी कविता ‘सुन्दर’ अथवा ‘nice’, ‘beautiful’, ‘great’ नहीं […]

संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार का सशक्त माध्यम है

February 8, 2018 0

राज्यपाल महोदय श्री राम नाईक एवं मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी ने संस्कृत संस्थानम् के सम्मान समारोह को सम्बोधित किया । संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार का सशक्त माध्यम है । राज्य सरकार संस्कृत भाषा को […]

हिंदी भारत और नेपाल को जोड़ने वाली भाषा है : जितेन्‍द्र नारायण देव

January 10, 2018 0

हिन्‍दी के प्रसार प्रचार और लोगों में भाषा की जागरुकता के उददेश्‍य से आज 10 जनवरी को विश्‍व हिन्‍दी दिवस मनाया जा रहा है । पहला विश्‍व हिन्‍दी दिवस सम्‍मेलन 10 जनवरी, 1975 को वैश्विक […]