दीपक श्रीवास्तव (कछौना, बालामऊ)
*चलती गाड़ी से उतरने के प्रयास में युवक की मौत*
बालामऊ (हरदोई)— सोमवार को सुबह बालामऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर धीमी हुई चलती गाड़ी चंडीगढ़- लखनऊ एक्सप्रेस ट्रेन से उतरते समय पैर फिसलने के कारण एक युवक की मौत हो गई l मृतक कछौना के ग्राम त्योरी निवासी राजेंद्र कुमार का पुत्र था जो चंडीगढ़ में केक बनाने का कार्य करता था l
कछौना के ग्राम त्योरी निवासी राजेंद्र कुमार का 20 वर्षीय पुत्र विमलेश कुमार जो चंडीगढ़ में रहकर केक बनाने का कार्यकर्ता था l विमलेश रविवार रात 12232 डाउन चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस से चंडीगढ़ से हरदोई का टिकट लेकर ट्रेन में चढ़ा था l लेकिन सोमवार सुबह जब गाड़ी हरदोई रेलवे स्टेशन पर रुकी तब वह गहरी नींद में सो रहा था l इसलिए वह हरदोई रेलवे स्टेशन पर नहीं उतर सका l सोमवार सुबह करीब आठ बजकर चालीस मिनट पर जैसे ही 12232 डाउन लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस बालामऊ जक्शन रेलवे स्टेशन पर धीमी हुई तो वह प्लेटफार्म नंबर एक पर चलती गाड़ी से उतरने का प्रयास करते समय अपना संतुलन नहीं बना सका l पैर फिसलने से वह ट्रेन की चपेट में आ गया l जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई l इस हादसे की सूचना ट्रेन के गार्ड ने स्टेशन मास्टर को दी और स्टेशन मास्टर ने जीआरपी को दी l जीआरपी के जवानों को तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक मोबाइल, चंडीगढ़ से हरदोई तक का रेल टिकट, एक पर्स जिसमें पंद्रह सौ साठ रुपए और हाईस्कूल का अंकपत्र आधार कार्ड वह एक पिट्ठू बैग मिला है जिसमें रोजमर्रा के कपड़े थे l मृतक के पास मिले आधार कार्ड पर अंकित पते पर जाकर जीआरपी के जवान ने परिजनों को सूचना दी l इस दुर्घटना की सूचना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया l सूचना के कुछ समय बाद बालामऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर मृतक के परिजन व बड़ी संख्या में गांव वाले पहुंचे l इस दुर्घटना से मृतक युवक के माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है l मृतक के परिजनों द्वारा उसके शव की पहचान किए जाने के बाद जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है l
*स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल*
बालामऊ जीआरपी द्वारा आवश्यक कार्यवाही के बाद शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजने के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं था l बालामऊ रेलवे स्टेशन के जीआरपी चौकी इंचार्ज ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजने के लिए उनके पास कोई वाहन उपलब्ध नहीं है l सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना के अधीक्षक डॉक्टर साहनी से बात करने पर उन्होंने बताया की शव को पोस्टमार्टम हेतु ले जाने के लिए वाहन की उपलब्धता के संबंध में उन्होंने विभाग को पत्र लिखा है l वर्तमान समय में शव को पोस्टमार्टम हेतु ले जाने के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं है l मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण ग्रामीणों द्वारा चंदा एकत्र करके निजी वाहन से शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजने में मदद की गई l