कल देर शाम कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राज्य कुपोषण मिषन बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बताया कि पाँच माह पूर्व जनपद के 120 गाँवो में 2114 कुपोषित/अति कुपोषित बच्चे थे जिनमें से अब हमारे अधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम, स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से 378 बच्चे ही कुपोषित बचे हैं। इन बच्चों को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए सतत प्रयास किये जा रहे हैं। इन बच्चो मेें लगातार गुणात्मक सुधार देखे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सम्बन्धित गाँवो के अधिकारी माह में ज्यादा से ज्यादा करके इन बच्चों को फालोअप करे, इसके लिए सम्बन्धित गाँव में जाने से एक दिन पूर्व क्षेत्र के सम्बन्धित एमओआईसी, सीडीपीओ एवं प्रधान से पहले ही सम्पर्क कर लें ताकि कुपोषित बच्चे के स्वास्थ्य का पूर्णतः निरीक्षण किया जा सके। इस कार्य के लिए ग्राम प्रधान का सहयोग लेते हुए बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार लायें। कुपोषण मुक्त ग्रामों के प्रधानो को सम्मानित भी किया जायेगा। अधिकारी जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने में अपनी सकारात्मक भूमिका अदा करे। बैठक में कुछ अधिकारियो के न आने एवं प्रतिस्थानी को भेजने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अगले दिन होने वाली बैठक में सम्बन्धित अधिकारी को उपस्थित रहने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने कहा कि इन 120 गाँवो में एडीओ यह सुनिश्चित कर लें कि स्कूलो के शौचालयो की स्थिति सही है या नहीं। उन्होंने सम्बन्धित गाँवो की सीडीपीओ को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक आंगनबाडी केन्द्र पर वाल पेंटिंग के माध्यम से पोषण वृक्ष, मेजरमेंट कार्नर, ईसीसीई वाल तथा पोषण कार्नर का निर्माण करायें जिससे सहजता से बच्चो की प्रतिभा को निखारा जा सके। उन्होने समस्त 120 गाँवो से सम्बन्धित एडीओ को निर्देशित किया कि सम्बन्धित गाँवो के स्कूलों में लंच शेड या डाईनिंग प्लेस का निर्माण करायें जिससे बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी एस0के0 रावत, परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला वन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित सीडीपीओ व एडीओ आदि मौजूद रहे।