कछौना (हरदोई): देश के भविष्य को संवारने वाले अर्थात विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाले शिक्षक ही अगर इस तरह राष्ट्रीय ध्वज “तिरंगे” के प्रति लापरवाह होंगे तो देश किस तरह उन्नति करेगा इसका अंदाजा बखूबी लगाया जा सकता है।
बताते चलें कि शनिवार को 70वें गणतन्त्र दिवस के अवसर पर हर बार की तरह राष्ट्रीय ध्वज “तिरंगे” के प्रति लापरवाही को लेकर कई प्राथमिक स्कूलों में घटनाएं हुई हैं, कहीं राष्ट्रीय ध्वज “तिरंगे” को समय से पहले ही उतार लिया गया तो कहीं तिरंगा अस्त-व्यस्त फटे हाल में इधर-उधर जमीन पर पड़ा मिला । ये हाल है सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का।
विकास खण्ड कछौना के प्राथमिक विद्यालय प्रतापपुर (ग्रामसभा टिकारी), प्राथमिक विद्यालय मवई (ग्रामसभा हथौड़ा) एवं प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर (ग्रामसभा महरी) में राष्ट्रीय ध्वज “तिरंगे” को समय से पहले ही उतार लिया गया। इसी के साथ विकास खण्ड बेहन्दर के कई विद्यालयों में भी तिरंगे को समय से पहले ही उतार लिया गया, उनमें प्राथमिक विद्यालय दलेलनगर, समोधा, उसरहा, झब्बूखेड़ा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय समोधा हैं। सबसे आश्चर्यजनक बात तो विकास खण्ड बेहन्दर के प्राथमिक विद्यालय खेरवा में हुई जहाँ पर राष्ट्रीय ध्वज “तिरंगा” विद्यालय के प्रांगण में अस्त-व्यस्त पड़ा मिला। शिक्षकों ने गणतन्त्र दिवस के मौके पर तिरंगे को लेकर जो हीलाहवाली बरती है, अब देखना ये है कि इन विद्यालयों के जिम्मेदार और लापरवाह शिक्षकों पर क्या जिला प्रशासन कोई कार्यवाही करता है या नहीं…?