क्या सभी शिक्षक ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते है ?

अवनीश मिश्र लखनऊ-

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपलोड मार्कशीट से पता चला कि ग्वालियर के संदीप गर्ल्स हाइयर सेकंडरी स्कूल के क्लास टीचर ने अंकपत्र में अंकों को सही से जोड़े बिना ही अंक दे डाले । स्कूल की प्रबंध समिति के सदस्य एस. के. तिवारी से बात करने पर पता चला कि शिक्षक की गलती पर उसको निष्कासित कर दिया गया है और स्कूल प्रबंधन अपनी गलती को स्वीकार भी कर रहा है । लेकिन सवाल उठता है कि शिक्षक इतने लापरवाह कैसे हो सकते है जिनके हाथों में बच्चों का भविष्य होता है ?

शिक्षा का स्तर कहाँ जा रहा है इस पर न तो सरकार ध्यान दे पा रही और न ही समाज । हालांकि शिक्षा को सुधारने और सुचारू रूप उचस्तर पर ले जाने का जिम्मा शिक्षकों का ही होता है क्यूंकि हम अपने बच्चों का भविष्य शिक्षकों के भरोसे पर छोड़ देते हैं लेकिन क्या सभी शिक्षक ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते है?