भवानीमंडी:-साहित्य संगम संस्थान छंदशाला से प्रतिमाह प्रकाशित होने वाली ई-पत्रिका छंदेष्टि के एक वर्ष पूर्ण होकर दूसरे वर्ष का यह तीसरा अंक माह जनवरी का विमोचन आ. चन्द्रपाल सिंह चन्द्र द्वारा साहित्य संगम संस्थान के व्हाटऐप्स एवं फेसबुक मंच पर ऑनलाइन किया गया। यह अंक दोहा छंदों के अभ्यास पर आधारित है जिसका अभ्यास माह जनवरी में किया गया।
इस अंक में ग्यारह प्रकार दोहों भ्रमर, सुभ्रमर, शरभ, श्येन, मण्डूक, मर्कट, करभ, नर, हंस, गयंद एवं पयोधर पर आधारित रचनाएँ है।
इस अंक में सम्मिलित रचनाओं का चन्द्रपाल सिंह चन्द्र ने संशोधन किया,समीक्षक ब्रिजेन्द्र सिंह सरल, मार्गदर्शन छन्दाचार्य शैलेन्द्र खरे सोम, निर्देशन अध्यक्ष महोदय राजवीर सिंह, छंदशाला का नियमित सञ्चालन तेजराम नायक एवं इसका कुशल सम्पादन प्रबंध सम्पादक श्री कैलाश मण्डलोई कदम्ब ने किया।
इसमें सम्मिलित रचनाकर दाताराम नायक, तेज राम नायक नेक, इंदू शर्मा शचि, रितु गोयल सरगम, राजवीर सिंह मंत्र, शकुंतला अग्रवाल शकुन, डॉ अरुण कुमार श्रीवास्तव अर्णव, डॉ. मीना भट्ट, गुणवती गुप्ता गार्गी , नेम लता पटेल, चन्द्र पाल सिंह “चन्द्र”, रवि रश्मि अनुभूति, छगन लाल गर्ग विज्ञ, विजेंद्र सिंह सरल, आशीष पाण्डेय जिद्दी है।
यह छंदेष्टि का पावन यज्ञ नवयुवाओं को मार्गदर्शन देगी, नावांकुर छन्दप्रेमियों के लिए प्रेरणा सिद्ध होगी। यह पत्रिका ई-साहित्य की पहली ऐसी पत्रिका है जिसमें नियमित छंदों का प्रकाशन किया जाता है।