ग्राम पञ्चायतें हैण्डपम्पों की रिबोरिंग का कार्य स्वयं करा सकती है :- जिलाधिकारी

जिलाधिकारी पुलकित खरे ने जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी तथा समस्त खण्ड विकास अधिकारियों से कहा है कि शासन द्वारा यह व्यवस्था दी गयी है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिष्ठापित इण्डिया मार्क-2, हैण्डपम्प के रिबोरिंग का र्य 14वें वित आयोग/ राज्य वित्त आयोग के माध्यम से ग्राम पंचायतों को प्राप्त धनराशि से संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा कराया जायेगा । ग्राम पंचायतें हैण्डपंपों के रिबोरिंग का कार्य स्वयं करा सकती है तथा संबंधित कार्यदायी संस्था, उ0प्र0 जलनिगम या यूपी स्टेट एगों से करा सकती है और व्यवस्था के अनुरूप गुणत्ता सुनिश्चित करने हेतु हैण्डपम्प रिबोर के पूर्व व बाद में उ0प्र0 जल निगम अथवा यूपी स्टेट एग्रो से सत्यापन कराना अत्यन्न आवश्यक होगा।

जिलाधिकारी ने उक्त अधिकारियों को निर्देश दिये है कि संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों से अनुपालन करायें कि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित हैण्डपम्पों के रिबोर के पूर्व जल निगम अथवा एग्रो के संबंधित अवसर अभियन्ता के स्थलीय सत्यापन कराकर रिबोर योग्य होने का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद ही भुगतान की कार्यवाही की जाये तथा बिना प्रमाणिकरण कराये गये रिबोर की गुणवत्ता संदिग्ध होगी और 14वें वित्त/राज्य वित्त आयोग की धनराशि का दुरूपयोग माना जायेगा।