ये जो वक्त बुरा है, बीत जाएगा

प्रिया कुमारी-

ये जो वक्त बुरा है
ये बीत जाएगा

लेकिन, बीते वक्त के साथ
कुछ अपनों का साथ छूट जाएगा

अभी भी वक्त हैं
संभाल जा मनुष्य, सब्र कर

घरों से निकालने का
दौर फिर आएगा,

आफ़िस की वो मस्ती
लौट फिर आएगी

लौट आएगी मुस्कान
चेहरो पर, फिर एक बार

तू सब्र तो कर,लौट आएगा
वो दौर फिर एक बार

लेकिन, जो तू न माना

तो चार कंधे भी,
न नसीब होगें तुझे
मौत के बाद

ये जो वक्त बुरा हैं
ये बीत जाएगा

लेकिन, बीते वक्त के साथ
कुछ अपनों का साथ छूट जाएगा ।