बदायूँ: मलेरिया प्रभावित क्षेत्र बिनावर पर जिलाधिकारी कुमार प्रशान्त एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी ने औचक रूप से छापे मारी की। वरिष्ठ अधिकारियों के पहुँचते ही हड़कम्प मच गया। अवैध रूप से क्लीनिक व मेडीकल स्टोर चला रहे लोग अपनी-अपनी दुकाने छोड़कर भागने लगे, तो कुछ ने खुद को दुकानों में अंदर ही बंद कर लिया।
दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने दुकानों को खुलवाकर उसके अंदर छिपे लोगों से चिकित्सा व फार्मेसी से सम्बंधित उनके अभिलेखों को मांगा तो वह सटपटा गए। कुछ के पास लाइसेंस थे ही नहीं, तो कुछ के एक्सापायर हो चुके हैं व कुछ आयुवेर्दिक की डिग्री पर एलोपैथिक दवाएं दे रहे थे। डीएम, एसएसपी ने सत्यम नर्सिंग होम, चांदसी क्लीनिक, शर्मा क्लीनिक, शिवम हेल्थकेयर सेंटर, बालाजी व सोलंकी मेडीकल स्टोर सहित दवाओं की दुकानों की वीडियोग्राफी कराते हुए सीज कर इनके स्वामियों पर कार्यवाही करने के लिए एसएचओ बिनावर को निर्देशित किया है।
उन्होंने कहा कि बिनावर मलेरिया प्रभावित क्षेत्र है, इसलिए यहां रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। साधारण रूप से तबियत खराब होने पर भी झोलाछाप डाॅक्टर के पास न जाएं। वह आपका समय तो बर्बाद करता ही है, साथ ही रकम भी वसूलता रहता है, बाद में हाथ खड़े कर देता कि अब उसके बस का नहीं है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है और मरीज की जान खतरे में आ चुकी होती है। ऐसे में परिजन उसको सरकारी अस्पतालों में लेकर भागते हैं, जहां वह जिंदगी और मौत से लड़ता है, तो बेहतर यही है कि मर्ज को बिलकुल न छुपाएं, अच्छे इलाज के लिए सरकारी चिकित्सालय ही आएं।