भारतीय किसान यूनियन (अरा०) ने किसानों की समस्याओं को लेकर आज दोपहर किया चक्का जाम

कछौना (हरदोई) : भारतीय किसान यूनियन (अरा०) संघटन ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को कछौना कस्बे के मुख्य चौराहे पर सैकड़ों की संख्या में पुरुष व महिला किसानों ने दोपहर को चक्का जाम कर दिया। यह धरना प्रदर्शन लगभग 2 घंटे तक चलता रहा। जिले से अपर जिला अधिकारी के आने के बाद किसानों ने चौराहे का जाम खोला।

सोमवार को भारतीय किसान यूनियन संगठन प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में विभिन्न मांगों को लेकर चौराहे पर सैकड़ों की संख्या में किसानों ने जाम लगा दिया। किसान पदाधिकारियों ने बताया सरकार की मंशा के बावुज़ूद भी किसानों का धान क्रय-केंद्रों पर नहीं खरीदा जा रहा है। किसान आढ़तियों के हाथों में औने-पौने दामों पर बेचने को विवश हैं। जिससे किसानों की फसल की उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसान की लागत न निकल पाने के कारण किसान काफी परेशान हैं। क्रय केंद्र प्रभारी व राइस मिलर्स के गठजोड़ के चलते किसानों को क्रय केंद्र से टरका दिया जाता है। किसान पदाधिकारी मोहम्मद शाहिद उर्फ मुन्ना ने बताया उनकी ग्रामसभा त्यौरी मतुआ में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सूची में लाभार्थियों के चयन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। इस चयन में मतुआ ग्राम के ही लाभार्थियों का चयन किया गया है। उक्त ग्राम सभा के अन्य ग्रामों के पात्र व्यक्तियों को चयन से वंचित कर दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुमार शुक्ला उर्फ पप्पू ने बताया उनकी ग्राम सभा कामीपुर में बड़े पैमाने पर बिना विकास कार्य किए धनराशि निकाल ली गई है। पदाधिकारियों ने बताया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हैं। अधिकांश डॉक्टर व कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते हैं। कर्मचारियों की उपस्थिति हेतु लगाई गई बायोमेट्रिक मशीन सालों से खराब पड़ी हैं। वहीं टीबी-रोगियों से दवा दिलाने व कार्ड जारी करने पर जमकर अवैध वसूली की जाती है। सरकार द्वारा मेडिकोलीगल शुल्क माफ किया गया है, तुरंत सामुदायिक केंद्र पर 270 रुपये की अवैध वसूली मेडिकल लीगल शुल्क के नाम पर मरीजों के साथ की जाती है। अधिकांश डॉक्टर बाहर की दवाएं व जांच लिखते हैं। बाहर की दवा जांच के नाम पर मरीजों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। पदाधिकारियों ने बताया अधिकांश सार्वजनिक भूमि को ग्राम प्रधान ने लोगों को बिक्री कर दी है। अधिकांश जल स्रोत तालाबों पर अवैध कब्जा है। जिससे किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष रेखा दीक्षित ने बताया उनकी ग्राम सभा कल्याण मन में बड़े पैमाने पर राजस्व समस्याएं हैं। चक्काजाम के दौरान दोनों तरफ भारी वाहनों की कतारें लगी रहीं। यातायात लगभग 2 घंटे तक प्रभावित रहा। इस दौरान कई थानों कछौना, बघौली, संडीला, कासिमपुर की पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रही। किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने जाम के दौरान थोड़ी मानवता का परिचय देते हुए एंबुलेंस वाहनों को आने जाने की छूट दी। अपर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने ज्ञापन लेकर सभी बिंदुओं पर जांच कर ठोस कार्यवाई का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अनिल कुमार यादव, सी०ओ० यस०आर० कुशवाहा, तहसीलदार अंबिका चौधरी व किसान यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहें। चक्का जाम में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सरकार के कड़े कानून के बाद भी इन घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जिससे आम जनमानस को मुश्किलों का सामना उठाना पड़ता है। जबकि सार्वजनिक स्थलों व राजमार्गों पर विरोध प्रदर्शन पर कड़ा प्रतिबंध है।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता