यूपी के कौशांबी जिले के महेवाघाट थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासिनी उमा देवी पत्नी शिवबाबू माली 17 अक्टूबर 2020 को पति से नाराज होकर अपने मायके जा रही थी। गांव के ही पिता पुत्र बैचंदी देवी, कल्लू यादव पीड़िता को बहला फुसलाकर गांव के बाहर ले गए और लवलेश यादव, योगेंद्र सिंह उर्फ तन्नू, कल्लू यादव ने मिलकर उमा देवी को मारा पीटकर सारे पैसे गहने मोबाईल छीन लिए। योजनाबद्घ तरीके से ट्रक में हाथ पैर बांध कर फेंक दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उक्त दरिंदों ने गांव से काफी दूर ले जाकर मेरे साथ सामूहिक बलात्कार किया। बंदूक चाकू की नोक पर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। ट्रक ड्राइवर योगेंद्र सिंह एवं क्लीनर अर्जुन ने भी मौके का फायदा उठाकर अपने घर ले जाकर महीनों बलात्कार करने के बाद धक्का मार कर रास्ते में फेंक दिया।
पत्नी के खोजबीन के बाद पता नहीं चलने पर पति शिवबाबू ने महेवाघाट थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दिया। कुछ दिन बाद पीड़िता घर पहुंच आपबीती मां और पति शिव बाबू को बताई। एफ आई आर दर्ज करवाने के लिए पति शिव बाबू पत्नी को साथ लेकर थाना महेवाघाट पहुंचा लेकिन पुलिस ने फरियाद न सुन थाने से भगा दिया। थक-हार कर पीड़िता ने जिला न्यायालय द्वारा 156/3 के तहत आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाया लेकिन पुलिस ने आरोपियों से लेनदेन कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जिससे पीड़िता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। पीड़िता पति के साथ तहसील दिवस मंझनपुर में पहुंच शिकायती पत्र देकर जिलाधिकारी कौशांबी से न्याय की गुहार लगाई है।
मंझनपुर से विजय करन की रिपोर्ट