कछौना (हरदोई) : प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए मिशन प्रेरणा अभियान के तहत युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। प्रत्येक ब्लॉक को प्रथम प्रेरक ब्लॉक के तहत चयनित किया गया है। परन्तु विद्यालयों में शिक्षकों की कमी सही अनुपात में न होने के कारण शिक्षण कार्य, एमडीएम प्रभावित हैं।
विकासखंड कछौना में कुल 126 विद्यालय हैं। जिनमें 16299 बच्चे पंजीकृत हैं। कुल 525 अध्यापक हैं। प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों का मानक के अनुसार नियुक्त न होने के कारण शिक्षा में बुनियादी बदलाव नहीं आ रहा है, यही शिक्षा में गिरावट का एक मुख्य कारण है। सरकार के अथक प्रयास से स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं धीरे-धीरे सुधार हो रहीं हैं। जहां सरकार के अथक प्रयास से एक भी परिषदीय विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है। विकासखंड कछौना में चार विद्यालय उच्च प्राथमिक विद्यालय कटियामऊ, पुरवा, प्राथमिक विद्यालय सपहैया, मोहाई अध्यापक विहीन हैं। 11 विद्यालय का अध्यापक है। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय हथौड़ा में छात्रों 287 की संख्या अनुपात में मात्र एक अध्यापक हैं। यही स्थिति संविलियन विद्यालय गढ़ी कमालपुर में 239 की संख्या पर एक अध्यापक है। जबकि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत प्राथमिक स्कूलों के लिए 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक की तैनाती का प्रावधान है। उच्च प्राथमिक विद्यालय में 35 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक की तैनाती का प्रावधान है। विभाग की तरफ से सम्बद्घीकरण पर रोक लगी है।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में अमूलचूल परिवर्तन हुआ है। आज भी जागरूक अभिवावक निजी विद्यालयों में प्रवेश कराते हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के 14 बिंदुओं पर कार्य करता था। जिसे ग्राम सभाओं व नगर में नगर निकायों को कराया कराना था। तुरंत ग्राम प्रधानों के रुचि न लेने के कारण टायलीकरण, फ़र्श, शुद्ध पेयजल, वायरिंग, विद्युतीकरण, शौचालय, रैम्प, एमडीएम शेड अधूरे पड़े हैं। सबसे बड़ी समस्या शुद्ध पेयजल की है। अधिकांश विद्यालयों का पानी खराब है। नलों में पानी लाल है। जिससे नौनिहालों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। 11 माह बाद स्कूल खुलने पर भी नौनिहाल बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। जिससे उनका उत्साह फीका है। शिक्षकों की कमी व अनुपात का सही क्रियान्वयन न होने के बाद में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का पक्ष जानना चाहा तो उनका मोबाइल नंबर रिसीव नहीं हुआ।
रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता