बालामऊ (हरदोई)। रेलवे आरक्षण टिकटों में अवैध वसूली को रोकने के लिए रेल प्रशासन के द्वारा किये जा रहे लाख प्रयासों व सख्ती के बावजूद रेलवे आरक्षण टिकटों में आवेदकों से अवैध वसूली का खेल लगातार जारी है। यही कारण है कि रेलवे कर्मचारियों व फ्रेंचाइजी केंद्रों पर टिकट आवेदकों से आए दिन अवैध वसूली किये जाने के मामले प्रकाश में आते रहते हैं।

ताजा मामला उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत बालामऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन से प्रकाश में आया है। जहाँ तत्काल आरक्षण कराने गए एक युवक ने बुकिंग क्लर्क पर अतिरिक्त शुल्क की माँग करने और उसका विरोध करने पर टिकट ना जारी करते हुए आरपीएफ कर्मियों से पिटाई करवाने के गंभीर आरोप लगाते हुए रेल उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की शिकायत की है।
कस्बे के मोहल्ला कछौना चौराहा पूर्वी निवासी मोहम्मद नदीम पुत्र रफीक अहमद ने बताया कि वह और उसके भाई आंध्र प्रदेश के सिकंदराबाद में जरदोजी का कार्य करते हैं। वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण काफी दिनों से अपने घर पर ही रह रहे थे। सिकंदराबाद में पुनः कार्य शुरू होने की सूचना मिलने पर शनिवार 26 जून की सुबह 10 बजे वह तत्काल रिजर्वेशन टिकट की बुकिंग कराने बालामऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुँचा। जहाँ उसने टिकट खिड़की से तत्काल रेल आरक्षण टिकट का लाल रंग का फॉर्म लिया और उसे भरकर लाइन में लग गया। मालिक द्वारा एक तय समय पर सिकंदराबाद पहुंचने पर ही काम मिलने की बंदिशों के चलते वह पूरी रात लाइन में ही खड़ा रहा। अगले दिन 27 जून तक सुबह 11 बजे तत्काल आरक्षण खुलने पर बुकिंग क्लर्क को तत्काल आरक्षण का भरा हुआ फार्म दिया। जिस पर ट्रेन संख्या 05015 से लखनऊ से सिकंदराबाद तत्काल आरक्षण हेतु चार लोगों मोहम्मद नदीम, मोहम्मद नसीम, मोहम्मद रफीक और जाहिद अली का नाम अंकित था।
आवेदक मोहम्मद नदीम ने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद बुकिंग क्लर्क ने 1000 रुपये के अतिरिक्त शुल्क देने की शर्त पर ही टिकट जारी करने की बात कही। जब उसने अतिरिक्त शुल्क देने से मना कर दिया तो बुकिंग क्लर्क ने तत्काल टिकट बुक नहीं हो पाएगा कहकर उसका फार्म टिकट खिड़की से बाहर फेंक दिया। जबकि उसके बाद के अन्य आवेदकों का टिकट बुक कर लिया। पीड़ित आवेदक नदीम बताया कि जब उसने इस बात पर विरोध दर्ज किया तो बुकिंग क्लर्क ने दो आरपीएफ कर्मियों को बुलाकर उसकी पिटाई करवा दी। इस घटना से झुब्ध एवं नाराज आवेदक ने पूरे मामले की शिकायत रेल उच्चाधिकारियों से करते हुए दोषी रेल कर्मियों पर ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित युवक नदीम ने बताया कि टिकट आरक्षण ना होने के चलते जरदोजी का हाथ में आने वाला काम भी हाथों से निकल गया है, जिससे परिवार पर जीविका का संकट खड़ा हो गया है। वहीं शिकायत के बाद रेल उच्चाधिकारियों ने पीड़ित युवक से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी ली है। फिलहाल मामले की जांच पड़ताल की जा रही है, अभी तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई किए जाने की बात सामने नहीं है। अब देखना यह है कि क्या रेल प्रशासन इस मामले में ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो।
दीपक कुमार श्रीवास्तव :