कथित हिन्दू-मुसलमान आतंकियो! आमने-सामने ताल ठोंको

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

देश मे हिन्दू-मुसलमान-दंगा करानेवालो और इस कुकृत्य का समर्थन करनेवालो! सभी सुनो–
इस रोज़-रोज़ की नौटंकी से बेहतर है, तुम सभी अपने-अपने गुण्डों को आमने-सामने लाकर हथियारसहित खड़ा कर दो। ऐसी जगह चुनकर खड़ा करो, जहाँ एक ओर मन्दिर हो और दूजी ओर मस्जिद। दोनो के बीच कोई सरकारी अडंगा न हो। अब खुलकर मारो काटो और कट मरो। फ़ैसला पलक झपकते हो जायेगा तथा दोनो ही की सारी गुण्डई और देश को आतंकित करने की कला पलक झपकते ही ‘घुस’ जायेगी; छरछरायेगा– एक जय सिरीराम कहेगा और दूजा अल्लाहो अकबर।

यह एक अनोखा मुक़ाबला होगा; आबादी भी कम हो जायेगी; देश मे वैमनस्य का वातावरण बनानेवाले राजनेताओं का ख़ात्मा भी हो जायेगा।

हो सकता है, इससे देश मे ‘भारत’ का दबाया गया अस्तित्व उभरे और जनगणमन अपने मन-प्राण पर वर्षों से पड़े वैमनस्य के बोझ से स्वयं को उबरा हुआ अनुभव करे और श्री राम, श्री हनुमान् तथा अल्लाहो अकबर को इस भीषण महँगाई मे भी एक-एक पाव लड्डू चढ़ाकर अपने कर्त्तव्य की इतिश्री कर ले।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २१ अप्रैल, २०२२ ईसवी।)