किताबें ऐसी सम्पत्ति हैं जिसमें सहजता और सरलता भी है। किसी की हो जाती हैं तन्मयता के साथ सबकी किताबें एक जैसी अलमारियों पर करीने से सजाई हुई बस्ते में कवर चढ़ाई हुई सर्जन पथ पर नई किताबें आई हुई सबकी जिंदगी में समरसता बरसाती हुई दे जाती हैं किताबें ताउम्र साथ सुंदर, सरल सानिध्य आ जाते है किताबों के मध्य।
आकांक्षा मिश्रा