प्रधान के सहयोग से घायल गोवंश का कराया उपचार

कछौना, हरदोई। निराश्रित पशु किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। प्रभावी कदम न उठाए जाने के कारण किसानों व गौवंशों के लिए ज्वलंत समस्या बनी है। अस्थाई गौ-आश्रय स्थल देखरेख के अभाव में कब्रगाह बने हैं। सूखा भूसा के लगातार खाने के कारण चंद दिनों में छुट्टा गौवंश सूखकर कमजोर हो जाते हैं। वही किसान अपनी फसल छुट्टा गौवंशों से बचाने के लिए खेतों में कटीले तार लगा रखे हैं। जिनकी चपेट में आने से आए दिन निरीह पशु घायल होते हैं, वह घायल होकर तड़प तड़प कर मरने को विवश हैं।

विकासखंड कछौना की ग्राम सभा त्यौरी मतुआ में अमृत सरोवर बनाने के लिए राजस्व कर्मी अनिल शुक्ला व ग्राम प्रधान भूमि की फरमाइश कर रहे थे। इसी दौरान ग्राम प्रधान मोहम्मद असद शाहिद को तालाब के किनारे एक घायल अवस्था में गौवंश दिखाई पड़ा। जिसके पैर में तार फसा हुआ था। जिसका पैर बुरी तरह से कट गया था। उन्होंने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ० रामेन्द्र सिंह को दूरभाष पर अवगत कराया, उन्होंने तत्काल पशु कर्मी सुरेंद्र कुमार को मौके पर भेजा।ग्रामीण मुसाफिर अली, रईस अली, अमन गुप्ता, प्रकाश वर्मा, बनवारी आदि के अथक प्रयास से घायल पशु के पैर से तार निकाला गया। ड्रेसिंग, दवा, इंजेक्शन देकर इलाज किया गया। प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी का पालन करते हुए छुट्टा गौवंशों को समस्या न समझ कर प्राकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते पालन करें, यही छुट्टा गौवंश उनके लिए काफी उपयोगी साबित होंगे। हमारे अंदर की करुणा से आकृति में सभी जीवो के प्रति हमें एक अच्छा नागरिक बनाती है। इनके लिए उठाए गए कदम से जो आनंद मिलता है, वही जीवन की कला है। ग्रामीणों व प्रधान के इस कदम की सभी सराहना कर रहे हैं।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता