आधार कार्ड बनवाने व संशोधन कराने के नाम पर बैंक ऑफ़ इंडिया की शाखा कछौना में आपरेटर गौरव पाठक द्वारा जमकर अवैध वसूली की जा रही है। बैंक के अंदर स्थापित आधार नामांकन केन्द्र का संचालक गौरव पाठक फीस के अतिरिक्त बिना 100-200 रुपये लिये आधार हेतु ना तो नामांकन करता है और ना ही संशोधन करता है। इस संबंध में पीड़ित बालामऊ गाँव निवासी व दिव्यांग श्याम कुमार तिवारी ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है।
बैंक में व्याप्त भ्रष्टाचार से पीड़ित श्याम कुमार तिवारी ने बताया कि उसे अपने बेटे का आधार कार्ड बनवाना था, इसके लिये वह कई बार बैंक जा चुके है। रूपए ना देने के चलते संचालक गौरव पाठक द्वारा पीड़ित को हर बार कागजों में कमी बताकर टरका दिया जाता था। गुरुवार को पुनः प्रधान से दस्तखत व मोहर लगवाकर निवास प्रमाण पत्र लेकर अपने बेटे का आधार कार्ड बनवाने जब पीड़ित बैंक गया तो ऑपरेटर गौरव पाठक ने तब अस्पताल से निर्गत जन्मप्रमाण पत्र मांगा। पीड़ित ने कहा कि वह प्रधान से लिखवा लाया है और दस्तखत-मोहर भी करा लिया है, इस पर रंगबाज गौरव पाठक ने कहा कि तब आधार कार्ड भी उसी प्रधान से जाकर बनवा लो। संचालक ने दुर्व्यवहार करते हुए पीड़ित को वहां से भगा दिया। वहीं दूसरी ओर उक्त ऑपरेटर द्वारा खुलेआम बैंक के अंदर आधार कार्ड बनवाने, संशोधन कराने के नाम पर जमकर अवैध वसूली की जा रही है। बैंक प्रबंधन भी सब कुछ जानबूझकर अंजान बना हुआ है और भ्रष्ट संचालक को संरक्षण प्रदान कर रहा है।
इस संबंध में बालामऊ निवासी रोशनी पुत्री लछिमन, मोनी शर्मा पत्नी, सोनेलाल और संजय आदि दर्जनों नागरिकों ने बताया कि उक्त संचालक गौरव पाठक ने उनसे भी आधार कार्ड बनवाने में 100-100 रुपये लिये हैं। पीड़ित श्याम कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि वह दिव्यांग है और फिर भी उसे बार-बार दौड़ाया जा रहा है। आपरेटर ने उससे जन्म प्रमाणपत्र के नाम पर दो सौ रुपये और आधार कार्ड बनवाने के लिये 100 रुपये मांगे थे। जब उसने रुपये न होने को बात कही तो ऑपरेटर ने कहा कि आधार भी नहीं बन पायेगा। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर संचालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।