मेडोप्लस के माध्यम से आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज

हरदोई– अच्छा स्वास्थ्य और गांव-शहर के बीच के फासले, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और उचित समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की प्राप्ति पर निर्भर करता है। गंभीर बीमारियों में यह समस्या और भी बड़ी हो जाती है।

उदाहरणार्थ, आज के दौर में स्तन में गांठ की समस्या वैश्विक स्तर पर बड़ी वृद्धि दर के साथ खड़ी हुई है जो कि समय से इलाज न मिल पाने से स्तन कैंसर के रूप में परिवर्तित होकर जानलेवा साबित हो रही है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं उचित जानकारी व इलाज के अभाव में असमय काल के गाल में समा रही हैं, लेकिन मेडोप्लस कम्पनी द्वारा चयनित मेडोमित्र के माध्यम से गांव के लोगों को सही समय पर सही डॉक्टर द्वारा बेहतर इलाज उपलब्ध करवाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाया जा रहा है।

प्राप्त विवरण के अनुसार जनपद मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर कूड़ी गांव की रहने वाली 40 वर्षीय रामदेवी को विगत कई महीनों से स्तन में गांठ की समस्या होना प्रतीत हुआ। स्थानीय स्तर पर कई डाक्टरों से इलाज करवाने के बाद भी समस्या बढ़ती गई। घर की जमा पूंजी को स्थानीय इलाज में गंवाने के बाद उन्होंने अपनी स्तन की बीमारी को नियति के भरोसे छोड़ दिया। इसी बीच रामदेवी की मुलाकात उनके गांव की मेडोमित्र अनीता देवी से हुई। अनीता देवी ने हर सप्ताह होने वाले निश्शुल्क आनलाइन प्रशिक्षण में रामदेवी की बात मेडोप्लस की महिला चिकित्सक से करवाई, जहां जल्द से जल्द आपरेशन की सलाह दी गई। इलाज के पैसे न होने के कारण वह आगे की समस्याओं के लिए स्वयं को मजबूत करने लगी। मेडोप्लस के स्थानीय प्रबंधक रंजीत सिंह द्वारा जब रामदेवी से मुलाकात की गई तो पता चला कि रामदेवी के पास आयुष्मान कार्ड भी है, परन्तु रामदेवी को इसका उपयोग कैसे किया जाए नहीं पता था। मेडोप्लस टीम द्वारा आयुष्मान कार्ड के माध्यम से रामदेवी का मुख्यालय के एक प्रतिष्ठित अस्पताल से निशुल्क आपरेशन व इलाज करवाया गया सफल उपचार के बाद घर पहुंची रामदेवी व उनके परिजन मेडोमित्र अनीता देवी व समेत मेडोप्लस टीम को धन्यवाद देते नहीं थक रहे हैं।

इस बारे में स्थानीय प्रबंधक रंजीत सिंह ने बताया कि किसी भी गंभीर समस्या से परेशान मरीज अब मेडोप्लस के माध्यम सेआयुष्मान कार्ड का उपयोग करते हुए जनपद एवं राजधानी के अनेक प्राइवेट अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।