खण्ड शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में एक दर्जन अध्यापक मिले गैर हाजिर

कछौना(हरदोई): परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की कार्यशैली को सुधारने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों में औचक निरीक्षण किया। जिसमें एक दर्जन अध्यापक विद्यालयों में अनुपस्थित मिले। जिस पर कार्यवाही करते हुए एक दर्जन अनुपस्थित अध्यापकों का वेतन रोकने की संस्तुति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से की। इस कार्यवाही से अध्यापकों की लचर कार्यशैली में सुधार की संभावना है।

बताते चले कि विकासखंड कछौना को तेजतर्रार युवा जिला अधिकारी पुलकित खरे ने गोद ले रखा है। पड़ेगा-बढ़ेगा कछौना स्लोगन के साथ शिक्षण व्यवस्था को बेहतर करने के लिए मेहनत से जुटे हैं। विद्यालयों का बेहतर परिवेश हो सके। विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध व अच्छी हो। जिससे नौनिहाल बच्चों का भविष्य बेहतर हो सके। काफी हद तक जिलाधिकारी का प्रयास सफल भी रहा है। विद्यालय की बाउंड्री वाल, शौचालय, पेयजल में काफी सुधार हुआ है। विद्यालयो को संवारने में एच०सी०एल० फाउंडेशन का विशेष योगदान है। लेकिन अधिकांश अध्यापकों की कार्यशैली में सुधार नहीं हो रहा है। शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते हैं। वह जल्दी चले जाते हैं और वहीं नियमित भी नहीं आते हैं। विद्यालय आने पर नौनिहाल बच्चों को पढ़ाते भी नहीं है और साथियों के साथ गुफ्तगू करते रहे हैं। जिससे छात्रों का शैक्षिक स्तर में सुधार नहीं हो पा रहा है। जिससे अभिवावकों को अपने बच्चे परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश को लेकर रुझान नही रहता है। अभी गरीब व मजदूर तबके के परिवार ही अपने बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने भेज रहे हैं। वहीं शिक्षक अपनी ढ़ेर सारी समस्याएं गिनाते हैं। शिक्षकों की कमी एमडीएम में दौड़ भाग व अन्य कार्यों से फुर्सत नहीं मिलती हैं। जिससे विद्यालयों का शैक्षिक माहौल अच्छा नहीं है। सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था रामभरोसे चल रही है। कुछ शिक्षक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। उनकी अच्छी शिक्षा व्यवस्था के कारण कान्वेंट स्कूल पीछे हैं।

विद्यालयों में शैक्षिक माहौल के लिए खंड शिक्षा अधिकारी विनय कुमार मिश्रा ने ताबड़तोड़ निरीक्षण किया। जिसमें शिक्षक कमलेश कुमार कनौजिया, किरन शिक्षामित्र, सरिता रावत, मनोज कुमार, कुसमा देवी, राम जानकी, रजनीश कुमार, धर्मेंद्र सिंह, शरद कुमार मिश्र, पुष्पलता, मोहम्मद इश्तियाक अनुपस्थित मिले। जिनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए वेतन काटने की संस्तुति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से की है। इस कार्यवाही से शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।


रिपोर्ट- पी.डी. गुप्ता