हरदोई। जिले के बाल विकास विभाग की घोर लापरवाही के चलते कछौना नगर व ब्लॉक के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाएं बुरी तरह बेहाल हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री व सहायिका के मनमाने रवैए के चलते केंद्रों पर गर्भवती-धात्री महिलाओं, किशोरियों व नौनिहालों की सेहत सुधारने के लिए दिया जाने वाला पोषाहार भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है।
क्षेत्र के गिने-चुने केंद्रों पर ही संचालन की औपचारिकता मात्र निभाई जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की कार्य-शिथिलता के चलते बच्चों का केंद्रों से मोह भंग हो रहा है। दर्जनों केंद्रों पर कुपोषण को लेकर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कछौना टाऊन के लगभग दो दर्जन आंगनबाड़ी केंद्रों में अधिकांश केंद्रों की स्थिति अत्यंत दयनीय है, जहां आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की कार्यप्रणाली को लेकर लाभार्थियों में आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संबंधित सुपरवाइजर और बाल विकास परियोजना अधिकारी के शिथिल पर्यवेक्षण व संरक्षण के चलते आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के हौसले बुलंद रहते हैं।
आमजनमानस द्वारा कई शिकायतों के बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपनी कार्यशैली में सुधार लाने को लेकर गंभीर नहीं हैं, वहीं जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भी पर्यवेक्षण व लापरवाह कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने में कोताही बरती जाती है। शिकायत करने पर जांच अधिकारियों द्वारा फर्जी और गुणवत्ता विहीन आख्या लगाकर मनमाने रवैए से शिकायत का निस्तारण कर दिया जाता है।